यूपी में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

 उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों को लंबे समय से जिस फैसले का इंतज़ार था, आखिरकार उस पर मुहर लग गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन, लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में “आउटसोर्स सेवा निगम” के गठन को मंजूरी दे दी गई। इस कदम से प्रदेश में कार्यरत लगभग 10 लाख आउटसोर्स कर्मियों को सीधा फायदा मिलेगा।

Outsource Employee’s minimum salary 25000/-

वेतन और सुविधा दोनों की गारंटी


अब आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन भुगतान को लेकर किसी एजेंसी या ठेकेदार के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। सरकार ने साफ किया है कि कर्मचारियों की सैलरी सीधे उनके बैंक खाते में हर महीने 1 से 5 तारीख के बीच पहुंचा दी जाएगी।


इसके अलावा अब कर्मचारियों को छुट्टियों और अन्य सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा। पहले जहां कई कर्मचारियों को समय पर वेतन और अवकाश नहीं मिलते थे, वहीं अब निगम पूरी जिम्मेदारी संभालेगा।



कितना वेतन मिलेगा?


निगम ने अलग-अलग श्रेणियों के हिसाब से न्यूनतम वेतन तय किया है –

प्रथम श्रेणी के पदों पर नियुक्त कर्मियों को लगभग ₹25,000 मासिक वेतन मिलेगा।

द्वितीय और तृतीय श्रेणी के पदों पर कार्यरत लोगों का वेतन ₹18,000 से ₹20,000 मासिक रहेगा।

चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को न्यूनतम ₹16,000 मासिक वेतन मिलेगा।



क्यों अहम है यह फैसला?


अब तक आउटसोर्स कर्मचारी निजी एजेंसियों के भरोसे काम करते थे। न तो समय पर वेतन की गारंटी थी और न ही सुविधा की। लेकिन नए निगम के आने से न केवल वेतन संरचना तय होगी बल्कि कामकाजी माहौल और सुरक्षा भी बेहतर होगी।


इसके साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सेवा प्रदाता एजेंसियों का चयन GEM पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा और उन्हें तीन साल के लिए नियुक्त किया जाएगा। इससे पारदर्शिता और स्थिरता दोनों सुनिश्चित होंगी।



निष्कर्ष


यह फैसला प्रदेश के उन लाखों युवाओं और कर्मचारियों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है, जो कई सालों से अस्थिर नौकरी और अधूरे वेतन से परेशान थे। अब आउटसोर्स कर्मियों की आय और भविष्य दोनों सुरक्षित नज़र आ रहे हैं।

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