NHM में खत्म होंगे खाली पद? वेतन बढ़ोतरी पर लगेगा ब्रेक और छंटनी के आसार
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी NHM से जुड़ी यह खबर उन हजारों लोगों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है, जो इस सिस्टम का हिस्सा हैं या भविष्य में इसमें जुड़ने की तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार सरकार अब NHM के ढांचे और खर्चों को नए सिरे से देखने की तैयारी में है। इसका सीधा असर खाली पदों, वेतन बढ़ोतरी और कर्मचारियों की स्थिरता पर पड़ सकता है।
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| NATIONAL HEALTH MISSION NEWS |
खाली पदों पर अब नई भर्तियों की उम्मीद कम
अब तक NHM में बड़ी संख्या में पद खाली चल रहे थे और लोग उम्मीद कर रहे थे कि जल्द ही इन पर भर्ती होगी। लेकिन मौजूदा संकेत बताते हैं कि सरकार फिलहाल नए पद भरने के मूड में नहीं है। केंद्र सरकार चाहती है कि पहले से मौजूद कर्मचारियों और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जाए। इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में नई भर्तियों की रफ्तार काफी धीमी हो सकती है।
वेतन बढ़ोतरी की राह में रुकावट
NHM कर्मचारियों की लंबे समय से मांग रही है कि महंगाई के हिसाब से वेतन बढ़ाया जाए। लेकिन अब जो माहौल बन रहा है, उसमें वेतन बढ़ोतरी पर ब्रेक लग सकता है। सरकार का फोकस खर्च कम करने और बजट को संतुलित रखने पर है। ऐसे में वेतन संशोधन के प्रस्तावों को मंजूरी मिलना आसान नहीं दिख रहा।
छंटनी की आशंका क्यों बढ़ रही है
सरकार की ओर से सीधे तौर पर छंटनी की बात नहीं कही गई है, लेकिन कुछ संकेत जरूर मिल रहे हैं। जिन पदों को जरूरी नहीं माना जाएगा, उन्हें खत्म या आपस में मिलाया जा सकता है। इससे संविदा कर्मचारियों के बीच असुरक्षा का माहौल बनना स्वाभाविक है। खासकर वे लोग जो पहले से ही अस्थायी आधार पर काम कर रहे हैं, उनके लिए यह स्थिति ज्यादा तनावपूर्ण है।
कर्मचारियों के मनोबल पर असर
जब नौकरी को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है तो इसका असर सीधे काम करने की क्षमता और मनोबल पर पड़ता है। NHM जैसे मिशन में जहां काम का दबाव पहले से ही ज्यादा होता है, वहां ऐसी खबरें कर्मचारियों को मानसिक रूप से कमजोर कर सकती हैं। इसका असर अंततः स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है।
आम जनता के लिए क्यों अहम है यह मुद्दा
NHM सिर्फ कर्मचारियों से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह आम लोगों की सेहत से जुड़ा हुआ है। अगर स्टाफ कम होगा या कर्मचारियों में असंतोष रहेगा, तो ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए यह फैसला सिर्फ सरकारी फाइलों तक सीमित नहीं रह जाता।
आगे की राह क्या होगी
फिलहाल यह सरकार की ओर से दिया गया एक संकेत है, अंतिम फैसला राज्यों और केंद्र की आपसी बातचीत के बाद ही होगा। लेकिन इतना तय है कि NHM में आने वाले समय में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में कर्मचारियों और उम्मीदवारों दोनों को हालात पर नजर बनाए रखनी होगी और किसी भी आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।
डिस्क्लेमर:
यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों के आधार पर लिखा गया है। इसमें व्यक्त किए गए विचार केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से जुड़ा कोई भी अंतिम निर्णय केंद्र या राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही मान्य होगा। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी प्रकार का निर्णय लेने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या नोटिफिकेशन अवश्य जांच लें।

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