मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को 5 साल और बढ़ाया गया

 केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक अहम निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को अगले पांच वर्षों के लिए आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद यह मिशन अब 31 मार्च 2031 तक जारी रहेगा। सरकार का कहना है कि देश में बढ़ती स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए इस योजना को जारी रखना जरूरी था।



राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन क्या है



राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भारत सरकार की एक प्रमुख स्वास्थ्य योजना है, जिसका मकसद आम लोगों तक सस्ती और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है। इस मिशन के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाता है। मातृ और शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, प्राथमिक इलाज और गरीब वर्ग को स्वास्थ्य सुरक्षा देना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।


कैबिनेट बैठक में क्या निर्णय लिया गया



केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह तय किया गया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को वर्ष 2026 के बाद भी जारी रखा जाएगा। इसके साथ ही मौजूदा स्वास्थ्य योजनाओं में सुधार किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर नई योजनाएं भी जोड़ी जाएंगी। सरकार हर साल इस मिशन की प्रगति की समीक्षा करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजनाओं का लाभ सही तरीके से जनता तक पहुंच रहा है।


स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका



केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से देशभर में लगभग 12 लाख स्वास्थ्यकर्मी जुड़े हुए हैं। ये स्वास्थ्यकर्मी गांवों और शहरों में लोगों को प्राथमिक स्तर पर इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार इन स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर संसाधन और प्रशिक्षण देने पर भी जोर दे रही है।


बजट और वित्तीय व्यवस्था



सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट में बड़ी राशि का प्रावधान किया है। जुलाई 2024 में पेश किए गए बजट में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 90 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इस राशि का बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए निर्धारित किया गया है, ताकि अस्पतालों की सुविधाओं में सुधार किया जा सके और दवाओं की उपलब्धता बढ़ाई जा सके।


आम जनता को क्या लाभ होगा



राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विस्तार से आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति सुधरेगी और शहरी गरीबों को भी सस्ता इलाज उपलब्ध होगा। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी आ सकती है।



निष्कर्ष



राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को अगले पांच वर्षों तक बढ़ाने का फैसला सरकार की स्वास्थ्य नीति को दर्शाता है। इससे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और करोड़ों लोगों को इसका सीधा लाभ होगा। आने वाले समय में यह मिशन भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र की रीढ़ बना रहेगा।


Disclaimer



यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। किसी भी योजना, नियम या सरकारी निर्णय से संबंधित अंतिम व आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित मंत्रालय या भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट अवश्य देखें। लेखक या वेबसाइट किसी भी प्रकार की त्रुटि या बदलाव के लिए जिम्मेदार नहीं होगी।



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