UP NHM में बड़ा बदलाव: क्या आपकी नौकरी खतरे में है? जानिए 'Restructuring' और 'HR Rationalisation' का असली सच
नमस्ते साथियों,
पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के ढांचे में होने वाले बदलावों और 'HR Rationalisation' को लेकर स्वास्थ्य विभाग के गलियारों में काफी चर्चाएं और चिंताएं हैं। कई लोग इसे 'छंटनी' का नाम दे रहे हैं, तो कई इसे लेकर डरे हुए हैं।
पर क्या वाकई डरने की बात है? आज के इस ब्लॉग में हम इस पूरे मामले को आसान भाषा में समझेंगे कि आखिर सरकार कर क्या रही है और इसका आप पर क्या असर पड़ेगा।
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| NHM Restructuring के तहत Lean और Integrated HR Structure की नई व्यवस्था |
सबसे बड़ा डर: क्या NHM बंद हो रहा है?
साफ शब्दों में कहें तो—बिल्कुल नहीं! NHM बंद नहीं हो रहा है, बल्कि भारत सरकार ने इसकी अवधि को अगले 5 साल (2031 तक) के लिए बढ़ा दिया है। वर्तमान बदलावों का उद्देश्य इसे और भी मजबूत और आधुनिक (Lean & Integrated) बनाना है। मकसद साफ है—स्वास्थ्य सेवाएं आम जनता तक और बेहतर तरीके से पहुँचें और सिस्टम में स्थिरता आए।
आखिर बदलाव की ज़रूरत क्यों पड़ी?
किसी भी संस्था को चलाने के लिए बजट का संतुलन ज़रूरी है। वर्तमान में NHM के बजट का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ सैलरी में जा रहा है। नियमों के मुताबिक, मानव संसाधन (HR) पर खर्च 50% से कम और मैनेजमेंट (PMC) पर 9% से कम होना चाहिए। इसी संतुलन को ठीक करने के लिए 'Unified PMU' लागू किया जा रहा है।
कौन से पद रहेंगे और किनमें बदलाव होगा?
यहाँ कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं जो आपको जाननी चाहिए:
- BPM (Block Programme Manager): यह पद पूरी तरह सुरक्षित है। ब्लॉक स्तर पर लीडरशिप और फील्ड सुपरविजन की जिम्मेदारी इन्हीं की होगी।
- BCPM: इनके रोल में बदलाव या मर्जर (Merge) की संभावना है। यानी काम का स्वरूप बदल सकता है।
- BAM (Accounts): इनका पद रहेगा, लेकिन अब इनकी भूमिका एक 'Manager' के बजाय 'Support Role' की होगी और ये सीधे BPM को रिपोर्ट करेंगे।
- पुराने खाली पद: जो पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, उन्हें अब खत्म (Deemed Abolished) माना जाएगा।
'एक व्यक्ति, कई काम' – Multi-skilling का दौर
अब वह समय गया जब एक व्यक्ति सिर्फ एक ही फाइल देखता था। नई कार्य संस्कृति में Multi-skilling अनिवार्य होगी। आपको एक से ज्यादा जिम्मेदारियां निभानी पड़ सकती हैं। यह आपकी स्किल बढ़ाने का एक मौका भी है।
सैलरी और इंक्रीमेंट का नया फॉर्मूला
अब वेतन वृद्धि (Increment) 'ऑटोमैटिक' नहीं होगी। यह पूरी तरह से आपके Performance पर निर्भर करेगी। अच्छा काम करने वालों को अधिकतम 5% तक का इंक्रीमेंट मिल सकेगा। यानी अब आपका काम ही आपकी पहचान बनेगा।
क्या ये छंटनी है?
नहीं! इसे छंटनी कहना गलत होगा। यह असल में 'भूमिका परिवर्तन' (Role Change) है। नौकरियां कहीं नहीं जा रही हैं, बस काम करने का तरीका, ढांचा और जवाबदेही (Accountability) बदल रही है। आधार अब IPHS-2022 की गाइडलाइंस होंगी।
निष्कर्ष
परिवर्तन हमेशा शुरू में थोड़ा कठिन लगता है, लेकिन NHM का यह नया स्वरूप इसे और अधिक पेशेवर और पारदर्शी बनाएगा। अगर आप मेहनत से काम कर रहे हैं और नई चीज़ें सीखने को तैयार हैं, तो यह बदलाव आपके करियर के लिए भी अच्छा साबित होगा।
तो घबराएं नहीं, अपनी स्किल पर ध्यान दें और इस नए सफर के लिए तैयार रहें!
आप इस बदलाव के बारे में क्या सोचते हैं? नीचे कमेंट्स में अपनी राय ज़रूर साझा करें।

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